Noida Metro: नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (एनएमआरसी) ने एक्वा लाइन के दो प्रस्तावित विस्तारों के लिए टेंडर जमा करने की अंतिम तारीख 29 जून तक बढ़ा दी है। अब तक पांच एजेंसियां इन परियोजनाओं में रुचि दिखा चुकी हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में कुछ और बड़ी कंपनियां भी आवेदन करेंगी। जुलाई में हो सकता है अंतिम फैसला एनएमआरसी के अधिकारियों के अनुसार सभी आवेदन मिलने के बाद उनकी तकनीकी और वित्तीय जांच की जाएगी। इसके बाद जुलाई में टेंडर प्रक्रिया पूरी होने और निर्माण एजेंसियों के चयन की संभावना जताई जा रही है। दो नए रूट पर होगा विस्तार प्रस्तावित योजना के तहत बॉटेनिकल गार्डन से सेक्टर-142 तक करीब 11.5 किलोमीटर लंबी नई मेट्रो लाइन बनाई जाएगी। वहीं ग्रेटर नोएडा डिपो से बोडाकी तक लगभग 2.6 किलोमीटर का विस्तार किया जाएगा। दोनों परियोजनाएं एक्वा लाइन को आगे बढ़ाने का हिस्सा हैं। यात्रियों को मिलेगा फायदा इन रूटों के शुरू होने के बाद नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच सफर आसान होने की उम्मीद है। कई सेक्टरों के साथ आसपास के गांवों के लोगों को भी बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलेगी। इससे यात्रा का समय कम होगा और कनेक्टिविटी मजबूत होगी। एलिवेटेड कॉरिडोर के रूप में निर्माण अधिकारियों के मुताबिक दोनों मेट्रो विस्तार एलिवेटेड यानी ऊंचे ट्रैक पर बनाए जाएंगे। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य को गति दी जाएगी। हालांकि अंतिम निर्माण कार्यक्रम जरूरी मंजूरियों और तकनीकी प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगा। बॉटेनिकल गार्डन रूट पर बनेंगे आठ स्टेशन सेक्टर-142 से बॉटेनिकल गार्डन तक बनने वाली लाइन की लंबाई लगभग 11.56 किलोमीटर होगी। इस रूट पर बॉटेनिकल गार्डन, सेक्टर-44, नोएडा ऑफिस सेक्टर-94, सेक्टर-97, सेक्टर-105, सेक्टर-108, सेक्टर-93 और पंचशील बालक इंटर कॉलेज सहित कुल आठ स्टेशन प्रस्तावित हैं। इस परियोजना पर करीब 2254.35 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। बोडाकी लाइन पर दो नए स्टेशन ग्रेटर नोएडा डिपो से बोडाकी रेलवे स्टेशन तक बनने वाले विस्तार में दो स्टेशन शामिल होंगे। इनमें जुनपत और बोडाकी मेट्रो स्टेशन प्रस्तावित हैं। यह लाइन क्षेत्र के लोगों को रेलवे और मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने में मदद करेगी। NMRC की देखरेख में होगा काम दोनों मेट्रो परियोजनाओं का निर्माण एनएमआरसी की निगरानी में कराया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि अधिक एजेंसियों की भागीदारी से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और परियोजना के लिए बेहतर विकल्प सामने आएंगे। इसी वजह से टेंडर जमा करने की अवधि बढ़ाई गई है। ये भी पढ़े : सेक्टर-1 से 40 तक अतिक्रमण का विस्तार, ट्रैफिक के बीच पैदल यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें